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Love Marriage v/s Arrange Marriage in Hindi | लव या अरेंज मैरिज

Love Marriage v/s Arrange Marriage in Hindi

Updated Date : गुरुवार, 06 मई, 2021 14:05 अपराह्न

लव मैरिज या अरेंज मैरिज

विवाह आपके जीवन का एक महत्वपूर्ण पहलू है। यह एक आजीवन प्रतिबद्धता या वचनबद्धता है, जहां आप एक व्यक्ति के साथ एक रिश्ते में बंधते हैं और अपने साथी के साथ सब कुछ साझा करने के लिए आपसी वादे करते हैं। चाहे वह सुख हो या दुःख, आप हर परिस्थिति में एक दूसरे के साथ मजबूत दृढ़ता के साथ खड़े रहते हैं। इसके अलावा, यह सिर्फ दो आत्माओं का मिलन नहीं है बल्कि दो परिवारों का मिलन है। अतः, क्या आपको लव मैरिज करनी चाहिए या अरेंज मैरिज यह एक महत्वपूर्ण प्रश्न है। इसके बारे में लव मैरिज विशेषज्ञ से पूछें

सामाजिक मानदंडों के अनुसार, विवाह के दो मार्ग माने जाते हैं- लव मैरिज और अरेंज्ड मैरिज। प्रेम विवाह वह विवाह है जिसमें आप उस व्यक्ति से विवाह करते हैं जिससे आप प्रेम करते हैं। इसमें आप शादी से पहले अपने लिए सही व्यक्ति का चयन करतें हैं और फिर वैवाहिक संबंध के लिए आगे बढ़तें हैं। जबकि अरेंज मैरिज में, आप या आपके माता-पिता विभिन्न चीजों को देखते हैं और एक उपयुक्त मैच का चयन करते हैं जो आपके और आपके परिवार की अपेक्षाओं और प्राथमिकताओं को पूरा करता हो। आमतौर पर, भारतीय परिवारों में शादी का यह स्वरूप बहुत सामान्य बात है और शादी के लिए कुंडली मिलान के माध्यम से दोनों व्यक्तियों की संगतता को समझा जाता है।

चूंकि शादी की सफलता अधिक चिंता का विषय है, इसलिए लव मैरिज और अरेंज मैरिज पर लगातार तर्क-वितर्क होता रहता है। यहां कुछ विवादित दृष्टिकोण दिए गए हैं जो लव मैरिज या अरेंज मैरिज के पहलुओं को समझने में मदद करते हैं।

बेहतर क्या है लव मैरिज या अरेंज मैरिज?

उलझन में हैं, कि क्या अच्छा है- लव मैरिज या अरेंज मैरिज? निम्नलिखित बिंदुओं को समझें और फिर निर्णय करें।

  1. होने वाले साथी के साथ आपसी समझ

जीवन साथीयों के बीच आपसी समझ बेहद जरूरी है। यदि आपकी और आपके साथी की आपसी समझ अच्छी नहीं है, तो विवाह को बनाए रखना और लंबे समय तक उस रिश्ते को निभाना बेहद मुश्किल होता है। लव मैरिज में आप अपने पार्टनर को पहले से जानते होते हैं, अतः आप शादी के बाद भी अपने पार्टनर के साथ अच्छी आपसी समझ बना सकते हैं। अरेंज मैरिज में आप दूसरे व्यक्ति के बारे में बहुत कम जानते होते हैं, अतः अपने साथी के बारे में समझने में लंबा समय लगता है। हालाँकि, आजकल लोग शादी से पहले अपने साथी को जानने और अच्छा प्रेम संबंध स्थापित करने के लिए अरेंज मैरिज में पूरा समय लेते हैं।

  1. प्रेम संगतता

अरेंज मैरिज अक्सर पारिवारिक बैकग्राउंड, सामाजिक-आर्थिक स्थिति, व्यक्ति की शैक्षिक योग्यता, समान पारिवारिक मूल्यों और धर्म पर आधारित होता है। सही मिलान का चयन करते समय, अक्सर भावनात्मक और शारीरिक संगतता को अनदेखा किया जाता है। अतः, रिश्ते में अक्सर आपसी प्रेम बेहद कम होता है और लोग कम प्रेम संगतता के कारण शादी में परेशानियों का अनुभव करते हैं। दूसरी ओर, प्रेम विवाह का मुख्य आधार है। अतः, ऐसी प्रबल संभावनाएं हैं कि आप शादी के बाद उसी तरह आपसी प्यार और भावनात्मकता रखेंगे, जो आपने शादी से पहले की थी।

  1. जिम्मेदारी

जब लव मैरिज व अरेंज मैरिज की तुलना करने की बात आती है, तो शादी के फैसले की जिम्मेदारी लव मैरिज में ज्यादा होती है। प्रेम विवाह में, किसी से शादी करने का निर्णय आपका होता है, अतः तर्क-वितर्क और बदलाव जैसे परिणामों की जिम्मेदारी भी आपकी होती है। प्रेम विवाह में दोनों साथी किसी को भी दोष नहीं दे सकते हैं यदि उनके रिश्ते में कुछ भी गलत होता है। जबकि अरेंज मैरिज में, परिवार हस्तक्षेप कर सकते हैं और निर्णय लेने की कोशिश कर सकते हैं जिससे कि आपसी मतभेदों को सुलझाया जा सकता है।

  1. सामाजिक महत्व

तकनीकी रूप से विकसित होने के बावजूद, विशेष रूप से भारतीय समुदायों में प्रेम विवाह अभी भी प्रतिबंधित है। कई परिवार ऐसे हैं जो विवाह को सम्मान का विषय मानते हैं और सामाजिक प्रतिष्ठा खोने के डर से प्रेम विवाह को अस्वीकार कर देते हैं। यही कारण है कि अधिकांश जोड़े अपने माता-पिता की इच्छा के खिलाफ शादी करते हैं और अलग-अलग रहते हैं। इसके विपरीत, अरेंज मैरिज को बहुत गरिमामयी माना जाता है जिसमें माता-पिता और बड़ों की स्वीकृति शामिल होती है। इस तरह के विवाह में पारिवारिक दबाव के कारण आपसी विवाद नहीं होता है और अक्सर अरेंज मैरिज लव मैरिज से अधिक सफल होती है।

  1. शादी के बाद का जीवन

अक्सर लव मैरिज पार्टनर अपने दिल की बात मानकर शादी के बंधन में बंध जाते हैं। वे शादी के बाद की स्थितियों के बारे में व्यावहारिक रूप से नहीं सोचते हैं और आर्थिक स्थितियों, वित्तीय स्थितियों, पारिवारिक जिम्मेदारियों जैसी चीजों पर विचार करना भूल जाते हैं। परिणामस्वरूप, उन्हें अपने वैवाहिक जीवन में परेशानियों का सामना करना पड़ता है और वे दुखी और मानसिक परेशानी का अनुभव करते हैं। दूसरी ओर, अरेंज मैरिज कपल्स के पास परिवार के सदस्यों की संपूर्ण सुरक्षा होती है जो उन्हें अपने विवाह के बाद के जीवन में स्थिरता प्रदान करती है।

संक्षेप में, लव मैरिज और अरेंज मैरिज के फायदे और नुकसान दोनों हैं। दोनों प्रकार की शादियों में जीवनसाथीयों के बीच मजबूत प्रतिबद्धता और आपसी समझ की आवश्यकता होती है। अतः, यह आपके ऊपर है कि आप अपने जीवन को सुखी और आरामदायक कैसे बनाते हैं।

सबसे शुभ विवाह मुहूर्त देखे।

इसके अलावा, लव मैरिज और अरेंज मैरिज कपल्स दोनों को अपने प्यार की अनुकूलता को समझना चाहिए और यह जानना चाहिए कि उनमें कहां कमी है और वे कौन से तरीके हैं जिनके जरिए वे अपने रिश्ते को बेहतर बना सकते हैं।

वैदिक ज्योतिष गुण मिलान आपको अनुकूलता और विवाह में सफलता की संभावनाओं को समझने में मदद करता है। शादी की समस्याओं के मामले में, आप ज्योतिषी से पूछ सकते हैं और समस्याओं को दूर करने के लिए वैदिक ज्योतिषीय उपाय पा सकते हैं। ज्योतिष के अनुसार प्यार और मजबूत आपसी समझ के साथ, आप अपनी शादी को सफल और लंबे समय तक चलने वाला बना सकते हैं।


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