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चौघडिया Aschersleben, Saxony-Anhalt, Germany - सितम्बर 22, 2020

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Aschersleben, Saxony-Anhalt, Germany

चौघड़िया के बारे में

आज का चौघड़िया (Today's Choghadiya) के बारे में सटीक चौघड़िया सूची के साथ जानें और दिन का सबसे शुभ समय निर्धारित करें। यदि आप कुछ नया शुरू कर रहे हैं, या यात्रा पर जा रहे हैं तो चौघड़िया से आप आज के शुभ मुहूर्त या सबसे अच्छे समय को पूर्व निर्धारित कर सकते हैं। जैसा कि नाम से पता चलता है, चौघड़िया, जो कि वैदिक हिंदू कैलेंडर है, जिसमें 96 मिनट की ’चार घड़ी’ शामिल हैं, जिसमें प्रत्येक घड़ी 24 मिनट के बराबर है।

मंगलवार, सितम्बर 22, 2020 चौघडिया

दिन का चौघड़िया जानने के लिए, कोई शुभ कार्य शुरू करने से पहले एक चौघड़िया सूची में शुभ मुहूर्त की जांच करने की सलाह दी जाती है। अमृत, शुभ, लाभ और चर सबसे लोकप्रिय चौघड़िया हैं। किसी शुभ काम को करने के लिए मुहूर्त तय करते समय अशुभ चौघड़िया उद्वेग, काल और रोग से बचना चाहिए।

  • अशुभ मुहूर्त
  • अच्छा
  • सबसे शुभ
  • अशुभ मुहूर्त
  • अच्छा
  • सबसे शुभ

दिन का चौघडिया


मुहूर्त का समय
करने योग्य गतिविधियाँ

रोग

06:05 - 07:35

वाद-विवाद, प्रतियोगिता, विवाद निपटारा

उद्वेग वार वेला

07:35 - 09:05

सरकार से संबंधित कार्य

चार

09:05 - 10:35

यात्रा, सौंदर्य / नृत्य / सांस्कृतिक गतिविधियाँ

लाभ

10:35 - 12:05

नया व्यवसाय, शिक्षा प्रारंभ करें

अमृत

12:05 - 13:35

सभी प्रकार के कार्य (विशेष रूप से दुग्ध उत्पाद संबंधित)

काल काल वेला

13:35 - 15:05

मशीन, निर्माण और कृषि संबंधी गतिविधियाँ

शुभ

15:05 - 16:35

विवाह, धार्मिक, शिक्षा गतिविधियाँ

रोग

16:35 - 18:05

वाद-विवाद, प्रतियोगिता, विवाद निपटारा

रात का चौघडिया


मुहूर्त का समय
करने योग्य गतिविधियाँ

काल

18:05 - 19:35

मशीन, निर्माण और कृषि संबंधी गतिविधियाँ

लाभ काल रात्रि

19:35 - 21:05

नया व्यवसाय, शिक्षा प्रारंभ करें

उद्वेग

21:05 - 22:36

सरकार से संबंधित कार्य

शुभ

22:36 - 24:06

विवाह, धार्मिक, शिक्षा गतिविधियाँ

अमृत

24:06 - 25:36

सभी प्रकार के कार्य (विशेष रूप से दुग्ध उत्पाद संबंधित)

चार

25:36 - 27:06

यात्रा, सौंदर्य / नृत्य / सांस्कृतिक गतिविधियाँ

रोग

27:06 - 28:36

वाद-विवाद, प्रतियोगिता, विवाद निपटारा

काल

28:36 - 30:06

मशीन, निर्माण और कृषि संबंधी गतिविधियाँ

राहु काल में शुभ कार्य पूर्णतः वर्जित हैं। आज का राहु काल, शुरुआत और अंत का सही समय और इससे बचने के उपाय देखें।  राहू काल

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चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया वैदिक ज्योतिषीय समय गाइड है जो 24 घंटे के शुभ मुहूर्त के बारे में जानकारी देता है। यह प्रत्येक दिन और रात को 8 बराबर अवधि में विभाजित करता है। सूर्योदय से सूर्यास्त तक के समय को दिन का समय चौघड़िया कहा जाता है और सूर्यास्त से लेकर अगले दिन के सूर्योदय तक के समय को रात का चौघड़िया कहा जाता है।

सप्ताह के सभी दिनों के लिए दिन के चौघड़िया के लिए सूर्योदय का समय प्रातः 6:00 बजे माना जाता है, जबकि रात के चौघड़िया के लिए सूर्यास्त का समय 6:00 बजे माना जाता है। ज्योतिषीय रूप से, 24 घंटों को 16 भागों में विभाजित किया जाता है और इन्हें सात तरह के चौघड़िया का नाम दिया गया है। 24 घंटों के दौरान, एक ही प्रकार के कम से कम दो चौघड़िया होते हैं, जो एक दिन में तीन बार दोहराए जाते हैं।

दिन का चौघड़िया पुरे हप्ते के लिए जब प्रातः 6:00 बजे सूर्योदय होता है। दिन में आठ चौघड़िया हैं। दिन का चौघड़िया 12 घंटे तक रहता है। दिन के शुभ और अशुभ मुहूर्त को आप यहाँ देख सकते है।

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रात का चौघड़िया पुरे हप्ते के लिए जब सूर्यास्त शाम 6:00 बजे माना जाये। दीन का चौघड़िया की तरह, रात के समय में भी आठ चौघड़िया हैं। रात का समय चोगड़िया की अवधि 12 घंटे के लिए है। रात के शुभ और अशुभ मुहूर्त को आप यहाँ देख सकते है।

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चौघड़िया का अर्थ

चौघड़िया का अर्थ चार घड़ी से है जिसमें कुल 96 मिनट होते हैं। हिंदी शब्दों से व्युत्पन्न, चौघड़िया में ‘चै’, का अर्थ चार है और ‘घड़ी’ का अर्थ है समय अवधि। इसे ‘चतुर्षिका मुहूर्त’ के रूप में भी जाना जाता है। ज्योतिषीय दृष्टि से अच्छे और बुरे सात चौघड़िया हैं। वो हैंः

  • उदवेग चौघड़िया - चौघड़िया में, उदवेग पहला मुहूर्त है जो कि सूर्य ग्रह द्वारा शासित है। इस घड़ी को अशुभ माना जाता है। हालांकि, उदवेग में सरकार से संबंधित कार्य करने से फलदायक परिणाम मिलते हैं।
  • लाभ चौघड़िया - लाभ दूसरा चौघड़िया है जो बुध ग्रह द्वारा शासित है। यह समय शुभ माना जाता है और किसी भी व्यावसायिक या शैक्षिक संबंधित कार्य को शुरू करने के लिए बहुत उपयुक्त है।
  • चर चौघड़िया - शुक्र द्वारा शासित, चर तीसरा चौघड़िया है जिसे यात्रा के प्रयोजनों के लिए शुभ मुहूर्त माना जाता है।
  • रोग चौघड़िया - चौघड़िया का चैथा मुहूर्त रोग, मंगल ग्रह द्वारा शासित है। इस अशुभ मुहूर्त में व्यक्ति को कोई भी शुभ काम शुरू नहीं करना चाहिए और न ही चिकित्सकीय परामर्श लेना चाहिए। इस अवधि में युद्ध और शत्रु से संघर्ष होता है।
  • शुभ चौघड़िया - शुभ चौघड़िया बृहस्पति ग्रह द्वारा शासित है और किसी भी कार्य को करने के लिए बहुत ही शुभ माना जाता है। इस दौरान विवाह, पूजा, यज्ञ और अन्य धार्मिक गतिविधियां की जानी चाहिए।
  • काल चौघड़िया - काल एक अशुभ चौघड़िया है जो कि शनि ग्रह द्वारा शासित है। धन संचय के लिए, इस अवधि को शुभ मुहूर्त या फलदायी समय माना जाता है।
  • अमृत ​​चौघड़िया - चौघड़िया के इस अंतिम मुहूर्त पर चंद्रमा ग्रह का शासन होता है। यह दिन का सबसे शुभ समय है। इस अवधि में किया गया कोई भी काम सकारात्मक परिणाम देता है।

आज के चौघड़िया और आज के मुहूर्त (आज का शुभ मुहूर्त) में अंतर?

शुभ मुहूर्त या आज का शुभ मुहूर्त या आज का शुभ समय वह समय है जो ग्रहों की स्थितियों की गणना करके निर्धारित किया जाता है। विवाह, पूजन, उद्घाटन, दुकान खोलना या कोई भी शुभ कार्य आज के मुहूर्त का विश्लेषण करने के बाद किया जाता है। एक महीने में कई मुहूर्त हो सकते हैं या संभावना है कि एक दिन में एक भी शुभ मुहूर्त नहीं हो। जबकि, आज का चौघड़िया या आज का शुभ मुहूर्त की जानकारी एक दिन में साझा करता है। चौघड़िया हर दिन होता है और शुभ मुहूर्त और अशुभ मुहूर्त को मिलाकर एक दिन को 8 भागों में विभाजित करता है।

आज का चौघड़िया की गणना कैसे की जाती है?

आज का चौघड़िया मुहूर्त की गणना दिन और रात को आठ समान भागों में विभाजित करके की जाती है। चूंकि चौघड़िया सात हैं, अतः प्रत्येक छह चौघड़िया दिन में एक बार होता है, जबकि एक चौघड़िया 2 बार आता है। चौघड़िया का प्रत्येक भाग या समय अवधि लगभग चार घड़ी के बराबर है।

सप्ताह के प्रत्येक दिन, दिन और रात के समय के चौघड़िया का क्रम बदलता रहता है लेकिन उस विशिष्ट दिन के लिए समान रहता है। उदाहरण के लिए, सोमवार के लिए चौघड़िया का क्रम मंगलवार से अलग होगा और मंगलवार का क्रम बुधवार के अनुक्रम से अलग होगा। लेकिन प्रत्येक सोमवार, प्रत्येक मंगलवार और अन्य आगामी सप्ताह के दिनों का अनुक्रम समान होगा।

दिन का चौघड़िया

*Assuming sunrise is at 6:00 AM

Time Sunday Monday Tuesday Wednesday Thursday Friday Saturday
From 6:00 AM Udveg Amrit Rog Labh Subh Chal Kaal
From 7:30 AM Chal Kaal Udveg Amrit Rog Labh Shubh
From 9:00 AM Labh Shubh Chal Kaal Udveg Amrit Rog
From 10:30 AM Amrit Rog Labh Shubh Chal Kaal Udveg
From 12:00 PM Kaal Udveg Amrit Rog Labh Shubh Chal
From 1:30 PM Shubh Chal Kaal Udveg Amrit Rog Labh
From 3:00 PM Rog Labh Shubh Chal Kaal Udveg Amrit
From 4:30 PM Udveg Amrit Rog Labh Shubh Chal Kaal

रात का चौघड़िया

*Assuming sunset is at 6:00 PM

Time Sunday Monday Tuesday Wednesday Thursday Friday Saturday
From 6:00 PM Shubh Chal Kaal Udveg Amrit Rog Labh
From 7:30 PM Amrit Rog Labh Shubh Chal Kaal Udveg
From 9:00 PM Chal Kaal Udveg Amrit Rog Labh Shubh
From 10:30 PM Rog Labh Shubh Chal Kaal Udveg Amrit
From 12:00 AM Kaal Udveg Amrit Rog Labh Shubh Chal
From 1:30 AM Labh Shubh Chal Kaal Udveg Amrit Rog
From 3:00 AM Udveg Amrit Rog Labh Shubh Chal Kaal
From 4:30 AM Shubh Chal Kaal Udveg Amrit Rog Labh

चौघडिया सामान्य प्रश्न

1. चौघड़िया का क्या अर्थ है?

चौघड़िया शब्द दो शब्दों का मेल है - चो, अर्थात् चार, और घड़िया, यानी घड़ी। हिंदू समय के अनुसार, प्रत्येक घड़ी, 24 मिनट के बराबर है। सूर्योदय से सूर्यास्त तक 30 घड़ी होती हैं जिन्हें 8 से विभाजित किया गया है। इसलिए, दिन में 8 चौघड़िया मुहूर्त और 8 रात्रि चौघड़िया मुहूर्त होते हैं। एक चौघड़िया 4 घड़ी (लगभग 96 मिनट) के बराबर होता है। अतः, एक चौघड़िया लगभग 1.5 घंटे तक रहता है।

2. चौघड़िया मुहूर्त के विभिन्न प्रकार क्या हैं?

हिंदू वैदिक ज्योतिष में, सात प्रकार के चौघड़िया हैं।

  • अमृत, शुभ, लाभ चौघड़िया - ये तीन समयावधि सबसे शुभ अवधि हैं और सभी महत्वपूर्ण कार्यों को इन चरणों के दौरान शुरू किया जाना चाहिए।
  • चर चौघड़िया - यह एक अच्छा चौघड़िया माना जाता है।
  • उदवेग, काल, रोग चौघड़िया - ये अशुभ समय के योग हैं और इन चरणों के दौरान हर शुभ कार्य को करने से बचा जाना चाहिए।

3. वार वेला, काल वेला, काल रत्रि क्या हैं?

वार वेला, काल वेला और काल रात्रि दिन की वह समयावधि होती हैं जब कोई भी शुभ कार्य नहीं करना चाहिए। कोई भी शुभ कार्य, यदि इन समयों के दौरान शुरू किया जाता है, तो सफल नहीं होगा। वार वेला और काल वेला दिन के समय होती है जबकि काल रात्रि वेला रात के समय होती है।

4. यदि कोई शुभ चौघड़िया मुहूर्त वार, काल या रात्रि वेला के अशुभ समय के साथ मेल खाता है तो क्या होगा?

हिंदू ज्योतिष में, यह सलाह दी जाती है कि राहु काल, वार वेला, काल वेला या काल रात्रि के दौरान कोई भी शुभ कार्य नहीं किया जाना चाहिए। भले ही यह समय सबसे शुभ चौघड़िया मुहूर्त के साथ मेल खाता हो, अतः काम को टाल देना ही हमेशा बेहतर होता है।

5. शुभ चौघड़िया और अशुभ चौघड़िया कैसे निर्धारित होता है?

चौघड़िया शुभ है या अशुभ, यह उस विशेष समय में उस पर ग्रह के प्रभाव से निर्धारित होता है। यदि प्रभावी ग्रह हानिकारक है, तो यह अशुभ(बुरा) चौघड़िया होगा और यदि ग्रह लाभकारी है, तो यह एक शुभ(अच्छा) चौघड़िया है।

यह सप्ताह के दिन पर भी निर्भर करता है, क्योंकि दिन का पहला चौघड़िया दिन के शासक ग्रह या देवता के साथ जुड़ा हुआ है।

हफ्ते का दिन शासक ग्रह
रविवार सूर्य

सोमवार

चन्द्रमा
मंगलवार मंगल
बुधवार बुध
गुरूवार

बृहस्पति

शुक्रवार शुक्र
शनिवार शनि

अतः, दिन का पहला और आखिरी मुहूर्त प्रत्येक दिन के शासक ग्रह से प्रभावित होता है और उसके बाद बाकी ग्रहों का होता है।

6. एक चौघड़िया सूची में विभिन्न चौघड़िया के अर्थ की पहचान कैसे करें?

चौघड़िया अर्थ

अमृत

अमृत ​​चौघड़िया चंद्रमा के प्रभाव में आने वाला समय होता है। हिंदू वैदिक ज्योतिष में चंद्रमा को एक लाभकारी ग्रह माना जाता है। अतः अमृत चौघड़िया को हिंदू ज्योतिष में एक अत्यधिक शुभ समय माना जाता है। यह समय को सभी प्रकार के अवसरों या कार्य के लिए लाभदायक माना जाता है।
शुभ शुभ चौघड़िया, बृहस्पति के प्रभाव का समय है। हिंदू ज्योतिष में, बृहस्पति एक लाभकारी ग्रह है, जो इसे शुभ मुहूर्त बनाता है। शुभ चौघड़िया को अक्सर सभी शुभ कार्यों के लिए ध्यान में रखा जाता है, विशेष रूप से विवाह की तारीखों का निर्धारण करने और वैवाहिक समारोहों आयोजित करने के लिए।
लाभ लाभ बुध के प्रभाव का एक चौघड़िया समय है। बुध को एक लाभकारी ग्रह माना जाता है, इस प्रकार इसके प्रभाव में आने वाली अवधि को शुभ माना जाता है। यह एक शुभ समय है, अतः एक असाधारण रूप से फलदायी समय है यदि कोई किसी नए शिक्षण को शुरू करना चाहता है या नए कौशल प्राप्त करना चाहता है या एक शिक्षा या पाठ्यक्रम शुरू करना चाहता है।
चर चर चौघड़िया शुक्र ग्रह से जुड़ा है। हिंदू ज्योतिष शास्त्र शुक्र के प्रभाव को काफी शुभ मानता है। इसलिए, इसके प्रभाव के तहत, जिसे चार या चंचल के रूप में जाना जाता है, को अक्सर शुभ कार्यों के लिए माना जाता है। शुक्र गति का ग्रह है, इसलिए, लोग यात्रा करने का सबसे अच्छा समय निर्धारित करने के लिए चर चौघड़िया को देखते हैं।
उदवेग उद्वेग चौघड़िया सूर्य के प्रभाव में आने वाला समय है। हिंदू वैदिक ज्योतिष में, सूर्य एक हानिकर ग्रह है और इसके प्रतिकूल प्रभाव होते हैं। इस प्रकार, उदवेग काल के दौरान शुभ कार्यों या नई शुरुआत से बचने की सलाह दी जाती है हालाँकि, उद्वेग चौघड़िया सरकारी कार्यों से संबंधित मामलों में लाभकारी माना जाता है।
काल काल चौघड़िया शनि ग्रह के साथ जुड़ा हुआ है। हिंदू ज्योतिष में, शनि को एक हानिकारक ग्रह माना जाता है और इसके प्रभाव में आने वाले समय को काल चौघड़िया के रूप में जाना जाता है। इस दौरान कोई भी शुभ कार्य नहीं करना चाहिए। हालांकि, अगर नए काम के परिणामस्वरूप धन संचय होने की उम्मीद है या उसी से संबंधित है, तो इस समय के दौरान यह किया जा सकता है।
रोग रोग चौघड़िया मंगल ग्रह के साथ जुड़ा हुआ है। हिंदू वैदिक ज्योतिष के अनुसार, मंगल को लाभकारी ग्रह नहीं माना जाता है। इस ग्रह में नकारात्मक ऊर्जा होती है और इसके प्रभाव में आने वाले समय के दौरान कोई भी शुभ कार्य नहीं किया जाता है। मंगल के प्रभाव के दौरान, युद्ध के समय रोग चौघड़िया को देखा जाता है, या यदि कोई अपने दुश्मन को हराना चाहता है।

चौघड़िया और पंचांग का उपयोग करते हुए, दैनिक चौघड़िया के साथ-साथ साप्ताहिक चौघड़िया की वार वेला, काल रात्रि और काल वेला की सटीक जानकारी मिल सकती है। दिन के शुभ मुहूर्त के बारे में जानने के लिए दैनिक चौघड़िया सूची का उपयोग करें। चौघड़िया के संदर्भ में महत्वपूर्ण कार्य की योजना बनाना आपके द्वारा किए गए हर प्रयास में सफलता और समृद्धि सुनिश्चित करने का एक तरीका है।

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