Rashifal राशिफल
Raj Yog राज योग
Yearly Horoscope 2020
Janam Kundali कुंडली
Kundali Matching मिलान
Tarot Reading टैरो
Personalized Predictions भविष्यवाणियाँ
Today Choghadiya चौघडिया
Anushthan अनुष्ठान
Rahu Kaal राहु कालम

2020 आयुध पूजा

date  2020
Ashburn, Virginia, United States

आयुध पूजा
Panchang for आयुध पूजा
Choghadiya Muhurat on आयुध पूजा

आयुध पूजा - कथा, महत्व और अनुष्ठान

शुभ नवरात्रि उत्सव के नौवें दिन आयुध पूजा होती है। यह एक अनुष्ठान या त्यौहार है जो किसी की आजीविका से जुड़े उपकरणों की पूजा करने के लिए किया जाता है।

हिंदू पौराणिक कथाओं के अनुसार, यह माना जाता है कि आयुध पूजा करने से, भक्त देवताओं के दिव्य आशीर्वाद से अपने औजारों को विधिपूर्वक शुद्ध करते हैं। दक्षिण भारत के राज्यों में, यह दिन सरस्वती पूजा के रूप में मनाया जाता है जहां छात्र प्रार्थना करते हैं और विस्तृत ज्ञान के लिए देवी सरस्वती की पूजा करते हैं।

आयुध पूजा अनुष्ठान के कई अन्य नाम हैं जैसे महारा नवमी, विश्वकर्मा पूजा, महानवमी, अस्त्र पूजा, सरस्वती पूजा और शास्त्र पूजा स्थानों और मान्यताओं के आधार पर।

आयुध पूजा की कहानी क्या है?

आयुध पूजा से जुड़ी प्राथमिक किवंदिती, देवी दुर्गा द्वारा भैंस रूपी राक्षस महिषासुर को हराने की है। इस राक्षस को हराने के लिए सभी देवताओं ने अपने हथियारों, प्रतिभा और शक्तियों को मां दुर्गा को दिया। पूरा युद्ध नौ दिनों की अवधि के लिए चला। और नवमी की संध्या पर, देवी दुर्गा ने महिषासुर की हत्या करके लड़ाई समाप्त की। और इस प्रकार, यह दिन महानवमी के रूप में मनाया जाता है और आयुध पूजा का अनुष्ठान किया जाता है।

ऐसा माना जाता है कि देवी दुर्गा द्वारा उपयोग किए गये सभी शस्त्रों और औजारों से उनका उद्देश्य पूरा हुआ था। और अब यह उनका सम्मान करने का समय था और उन्हें संबंधित देवताओं को वापस लौटना था। इस प्रकार, युद्ध समाप्त होने के बाद, सभी हथियारों की पूजा की गई और एक स्थान पर रखकर उनकी सफाई और सजावट के बाद वापस लौटया गया।

आयुध पूजा का महत्व क्या है?

देश के विभिन्न क्षेत्रों में, यह दिन अलग-अलग नामों से मनाया जाता है। यह त्यौहार कार्यालयों, कॉलेजों, संगठनों, उद्योगों, व्यापारिक स्थानों और घरों में विभिन्न उपकरणों, शस्त्रों, हथियारों, किताबों, उपकरणों, बर्तन, मशीनरी और कई अन्य वस्तुओं को सम्मानित करने की भावना से मनाया जाता है। इस दिन और अनुष्ठान का विशेष महत्व माना जाता है क्योंकि इस दिन किसी की आजीविका के लिए उपयोग किए जाने वाले औजारों की पूजा और प्रार्थना की जाती है ताकि वे अच्छी तरह से और आसानी से काम कर सकें और सफलता सुनिश्चित कर सकें।

Also Read: Daily Horoscope in Hindi

आयुुध पूजा के अनुष्ठान और रीति-रिवाज क्या हैं?

  • आयुध पूजा मूल रूप से उपकरणों की पूजा करने के लिए की जाती है।
  • आयुध पूजा के अवसर पर अनुष्ठान और रीति-रिवाजों में सबसे पहले सभी औजारों और उपकरणों को साफ करना है जो हमारे जीवन में मदद करते हैं।
  • उपकरणों और विभिन्न औजारों को साफ व पॉलिश की जाती है या सजाया जाता है और कुमकुम, चंदन के पेस्ट और चंदन के साथ पूजा की जाती है।
  • व्यापारिक बही-खाते और छात्रों की किताबों की भी इस दिन पूजा की जाती है।

hindi
english