2020 भैया दूज

date  2020
Ashburn, Virginia, United States

भैया दूज
Panchang for भैया दूज
Choghadiya Muhurat on भैया दूज

क्या है भाई दूज?

भैया दूज या भाई टीका एक हिंदू भाई-बहन का त्योहार है और यह भारतीय त्योहारों में सबसे ज्यादा खुशी से मनाया जाता है। यह हिंदू त्योहार भारत के हर हिस्से में मनाया जाता है और इसे महाराष्ट्र में भाऊ-बीज और पश्चिम बंगाल में भाई फोंटा के नाम से भी जाना जाता है।

भाई दूज कब मनाया जाता है?

भाई दूज का उत्सव 5 दिवसीय दिवाली त्योहार का एक हिस्सा है और यह दिवाली के दो दिन बाद आता है। यह हिंदू महीने कार्तिका में शुक्ल पक्ष के दूसरे दिन आता है।

भाई दूज क्यों मनाया जाता है?

भाई दूज एक ऐसा त्योहार है जो भाई-बहन के बीच के बंधन के प्रति श्रद्धा व्यक्त करता है। यह प्यार और भाई-बहन को एक दूसरे के लिए सम्मान व्यक्त करने का शानदार उत्सव है। इस दिन, बहनें अपने भाइयों के लिए एक स्वस्थ, सुखी और सुरक्षित जीवन की प्रार्थना करती हैं जो बदले में अपनी बहनों को अपना प्यार और देखभाल जताने के लिए उपहार भेंट करते हैं। भाई-बहन के इस त्योहार पर पूरा परिवार एक साथ आता है और मिठाई और अन्य स्वादिष्ट चीजों के साथ इस उत्सव का आनंद लेता है।

कई कथाऐं और कहानियां हैं जो भाई दूज की उत्पत्ति से जुड़ी हैं। आमतौर पर यह माना जाता है कि इस दिन, मृत्यु के देवता भगवान यम ने अपनी बहन यमी या यमुना से मुलाकात की थी। उसने ‘आरती’ और मालाओं से उनका स्वागत किया और उनके माथे पर ‘तिलक’ लगाया और उन्हें मिठाई और विशेष व्यंजन भेंट किए। इसके बदले में, यमराज ने उसे एक अनोखा उपहार दिया और कहा कि इस दिन जो भाई अपनी बहन द्वारा आरती और तिलक का अभिवादन पाऐंगे, वह संरक्षित होंगे और उन्हें लंबी आयु का आशीर्वाद मिलेगा। इसी कारण इस दिन को ‘यम द्वितीया’ या ‘यमद्वितीया’ के नाम से भी जाना जाता है। एक अन्य कथा में बताया गया है कि भगवान कृष्ण, राक्षसों के राजा नरकासुर का वध करने के बाद, अपनी बहन, सुभद्रा के पास गए, जिन्होंने उनका स्वागत मिठाई, माला, आरती और तिलक लगाकर किया।

भाई दूज कौन मनाता है?

भाई दूज एक हिंदू त्योहार है और यह 5 दिवसीय दिवाली त्योहार का एक अभिन्न अंग है। यह पूरे भारत में हिंदुओं द्वारा प्रमुखता से मनाया जाता है। उत्तर-भारत में, इस त्योहार को बहुत श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया जाता है। महाराष्ट्र में, इस त्योहार को भाऊ-बीज के रूप में जाना जाता है और पश्चिम बंगाल में, इसे भाई पोंटा के रूप में मनाया जाता है।

भाई दूज कैसे मनाई जाती है?

भैया दूज पर, बहनें अपने भाइयों को एक सुस्वाद भोज के लिए अपने घर बुलाती हैं, जिसमें अक्सर मिठाई और उनके सभी प्रिय व्यंजन शामिल होते हैं। बहनें अपने भाइयों का ‘आरती’ से स्वागत करती हैं और उनके माथे पर सिंदूर (तिलक) और चावल लगाती हैं, उन्हें मिठाई देती हैं और उनके स्वस्थ जीवन के लिए प्रार्थना करती हैं। जबकि भाई अपनी बहनों के लिए जीवन की रक्षा करने के वादे के साथ उपहार भेंट करते हैं। जिसका भाई न हो या जिनके भाई दूर रहते हैं, वे महिलाएँ चाँद की पूजा करती हैं या चन्द्र भगवान की आरती करके चाँद की पूजा करती हैं।

महाराष्ट्र, गोवा और गुजरात के कुछ हिस्सों में, इस त्यौहार को भाऊ बीज के नाम से जाना जाता है और इस दिन भाइयों और बहनों में बहुत उत्साह देखा जाता है। बहनें और भाई उपहारों का आदान-प्रदान करते हैं, करीबी रिश्तेदारों और दोस्तों को आमंत्रित किया जाता है और बसुंडी पूरी (महाराष्ट्र) जैसी स्वादिष्ट मिठाई तैयार की जाती है।

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पश्चिम बंगाल में भाई फोंटा उत्सव भव्य समारोह और भव्य दावत के साथ आता है। बहनें तब तक उपवास करती हैं जब तक कि वे अपने भाई के माथे पर ‘फोंटा’ या चंदन का लेप नहीं लगातीं और वह अपने भाई के लिए सुखी जीवन के लिए प्रार्थना करती हैं।

जब इस हिंदू त्योहार को मनाने की बात आती है तो भारत के हर हिस्से की अपनी परंपराएं और रीति-रिवाज हैं। हालांकि, अंतर्निहित महत्व और सार हर जगह समान है जहां भाई और बहन के बीच अच्छे संबंधों को मनाया जाता है।

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