2020 चंपा षष्ठी

date  2020
Ashburn, Virginia, United States

चंपा षष्ठी
Panchang for चंपा षष्ठी
Choghadiya Muhurat on चंपा षष्ठी

चंपा षष्ठी के उत्सव और अनुष्ठान क्या हैं?

पुणे में खांडोबा मंदिर में चंपा षष्ठी का त्यौहार बहुत उत्साह और खुशी के साथ मनाया जाता है। भक्त इस त्यौहार को पूर्ण समर्पण के साथ सभी छह दिनों के लिए मनाते हैं।

भक्त भगवान खांडोबा की पूजा करने के लिए सब्जियां, फल, लकड़ी, सेब के पत्तों और हल्दी पाउडर की पेशकश करते हैं।

लोग अमावस्या के दिन से लेकर चंपा षष्टी तक, पूरे छह दिनों के लिए सुबह जल्दी उठकर मंदिर जाते हैं।
भक्त भगवान खांडोबा की मूर्ति के सामने छह दिनों तक तेल का दीया जलाते हैं।

छठे दिन, देवता को कई तरह के प्रसाद पेश किए जाते हैं जैसे कि थोंबरा (जो बहु से अनाजों के आटे से बना होता है), रोडगा (गेहूं के आधार से तैयार व्यंजन) और भंडारा (हल्दी पाउडर)।

इसके बाद इस अनुष्ठान में आरती की जाती है।

चंपा षष्ठी की किंवदंती (कथा/कहानी) क्या है?

पौराणिक कथा के अनुसार, एक बार मनी और मल्ला नाम के दो राक्षस भाई थे जिन्होंने मनुष्यों के साथ-साथ देवताओं और ऋषियों के लिए बहुत सी परेशानियां खड़ी कर दी थीं। सभी देवताओं और साधुओं ने भगवान शिव से मदद मांगी।

तब भगवान शिव ने भगवान खांडोबा का रूप धारण किया जो सोने की चमक की तरह दिखते थे। भगवान का चेहरा हल्दी पाउडर से ढका हुआ था। राक्षस भाइयों और भगवान खांडोबा के बीच एक भयंकर युद्ध हुआ। छह दिनों की लंबी लड़ाई के बाद, मनी ने भगवान शिव से क्षमा मांगी और उन्हें अपना सफेद घोड़ा पेश किया। इसके बाद, भगवान शिव ने मनी को एक वरदान मांगने के लिए कहा। मनी ने भगवान शिव से उनके साथ रहने की इच्छा जाहिर की। उनकी इच्छा को पूरा करने के लिए, मनी की मूर्ति को सभी खंडोबा मंदिरों में रखा गया। इस प्रकार, उस समय से, चंपा षष्ठी को धार्मिक रूप से मनाया जाता है।

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