2017 एकादशी व्रत

date  2017
Ashburn, Virginia, United States

Switch to Amanta
एकादशी व्रत

2017

Ashburn, Virginia, United States

प्रसिद्ध ज्योतिषियों द्वारा अपनी कुंडली रिपोर्ट प्राप्त करें $ 9/-

अत्यधिक उपयुक्त

पूर्ण कुंडली रिपोर्ट प्राप्त करें

एकादशी व्रत

एकादशी व्रत हिन्दू कैलेंडर के अनुसार बहुत ही शुभ व्रत माना जाता है। एकादशी शब्द संस्कृत भाषा से लिया गया है जिसका अर्थ है ‘ग्यारह’ । प्रत्येक महीने में दो एकादशी होती हैं जो कि शुक्ल पक्ष एवं कृष्ण पक्ष के दौरान आती हैं। mPanchang पर आप एकादशी से जुडी सभी जानकारी देख सकते हैं।

एकादशी व्रत बहुत ही सख्त होता है। यह एकादशी तिथि से पहले सूर्यास्त से लेकर एकादशी से अगले सूर्योदय तक रखा जाता है यह करीब 48 घंटे का व्रत होता है।

साल 2017 के लिए एकादशी व्रत की सूची

तिथि दिनांक तिथि का समय

पौशा पुत्रदा एकादशी(शु) जनवरी, 2017

08 जनवरी

(रविवार)

समय देखें

षटतिला एकादशी(कृ) जनवरी, 2017

23 जनवरी

(सोमवार)

समय देखें

जाया एकादशी(शु) फरवरी, 2017

06 फरवरी

(सोमवार)

समय देखें

विजया एकादशी(कृ) फरवरी, 2017

22 फरवरी

(बुधवार)

समय देखें

आमलकी एकादशी(शु) मार्च, 2017

08 मार्च

(बुधवार)

समय देखें

पापमोचनी एकादशी(कृ) मार्च, 2017

23 मार्च

(गुरुवार)

समय देखें

कामदा एकादशी(शु) अप्रैल, 2017

06 अप्रैल

(गुरुवार)

समय देखें

वरुथिनी एकादशी(कृ) अप्रैल, 2017

22 अप्रैल

(शनिवार)

समय देखें

मोहिनी एकादशी(शु) मई, 2017

06 मई

(शनिवार)

समय देखें

अपरा एकादशी(कृ) मई, 2017

21 मई

(रविवार)

समय देखें

निर्जला एकादशी(शु) जून, 2017

04 जून

(रविवार)

समय देखें

योगिनी एकादशी(कृ) जून, 2017

20 जून

(मंगलवार)

समय देखें

देवशयनी एकादशी(शु) जुलाई, 2017

04 जुलाई

(मंगलवार)

समय देखें

वैष्णव कामिका एकादशी(कृ) जुलाई, 2017

19 जुलाई

(बुधवार)

समय देखें

श्रवण पुत्रदा एकादशी(शु) अगस्त, 2017

02 अगस्त

(बुधवार)

समय देखें

श्रवण पुत्रदा एकादशी(शु) अगस्त, 2017

03 अगस्त

(गुरुवार)

समय देखें

अजा एकादशी(कृ) अगस्त, 2017

17 अगस्त

(गुरुवार)

समय देखें

परस्व एकादशी(शु) सितम्बर, 2017

01 सितम्बर

(शुक्रवार)

समय देखें

इंदिरा एकादशी(कृ) सितम्बर, 2017

16 सितम्बर

(शनिवार)

समय देखें

पापांकुशा एकादशी(शु) अक्तूबर, 2017

01 अक्तूबर

(रविवार)

समय देखें

रमा एकादशी(कृ) अक्तूबर, 2017

15 अक्तूबर

(रविवार)

समय देखें

देवउत्थाना एकादशी(शु) अक्तूबर, 2017

31 अक्तूबर

(मंगलवार)

समय देखें

उत्पन्न एकादशी(कृ) नवम्बर, 2017

13 नवम्बर

(सोमवार)

समय देखें

मोक्षदा एकादशी(शु) नवम्बर, 2017

29 नवम्बर

(बुधवार)

समय देखें

सफल एकादशी(कृ) दिसम्बर, 2017

13 दिसम्बर

(बुधवार)

समय देखें

पौशा पुत्रदा एकादशी(शु) दिसम्बर, 2017

29 दिसम्बर

(शुक्रवार)

समय देखें

एकादशी का महत्व

हिन्दू पुराणों के अनुसार एकादशी को ‘हरी वसर’ एवं ‘हरी दिन’ भी कहा जाता है। एकादशी वैष्णव एवं गैर-वैष्णव दोनों समुदाय द्वारा मनाया जाता है। एकादशी के महत्व को स्कन्द पुराण एवं पदम् पुराण में भी बताया गया है। जो भक्त व्रत रखते हैं वो इस दिन गेहूं, मसाले एवं सब्जियां नहीं खाते। श्रद्धालू इस व्रत की तैयारी एकादशी से एक दिन पहले दशमी से ही प्रारंभ करते हैं। श्रद्धालू सुबह जल्दी उठकर पवित्र जल से स्नान करते हैं एवं इस दिन बिना नमक का खाना खाते हैं।

एकादशी व्रत के नियम

ताजा फल, सूखे मेवे, सब्जी एवं दूध से बनी मिठाई ही इस दिन खाई जाती है एवं कुछ राज्यों में केवल साबुदाना, मूंगफली एवं आलू का ही भोजन इस दिन किया जाता है। दाल एवं शहद दशमी के दिन भी नहीं खाया जाता। इस दिन कुछ लोग पानी भी नहीं पीते, इसलिए इसे निर्जला एकादशी भी कहा जाता है। इस दिन भगवान विष्णु की पूजा की जाती है। कुछ श्रद्धालू रात में एकादशी व्रत की कथा, कहानी एवं मंत्र पढ़ते हैं।

एकादशी के अगले दिन को द्वादशी कहा जाता है। यह दशमी या अन्य दिनों की तरह दिन आम दिन होता है। सुबह जल्दी नहाकर, दीऐ जलाकर भगवान विष्णु की पूजा की जाती है एवं दशमी के दिन बनाया गया भोजन खाकर व्रत पूर्ण किया जाता है।

hindi
english