2018 एकादशी व्रत

date  2018
Ashburn, Virginia, United States

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एकादशी व्रत

2018

Ashburn, Virginia, United States

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एकादशी व्रत

एकादशी व्रत हिन्दू कैलेंडर के अनुसार बहुत ही शुभ व्रत माना जाता है। एकादशी शब्द संस्कृत भाषा से लिया गया है जिसका अर्थ है ‘ग्यारह’ । प्रत्येक महीने में दो एकादशी होती हैं जो कि शुक्ल पक्ष एवं कृष्ण पक्ष के दौरान आती हैं। mPanchang पर आप एकादशी से जुडी सभी जानकारी देख सकते हैं।

एकादशी व्रत बहुत ही सख्त होता है। यह एकादशी तिथि से पहले सूर्यास्त से लेकर एकादशी से अगले सूर्योदय तक रखा जाता है यह करीब 48 घंटे का व्रत होता है।

साल 2018 के लिए एकादशी व्रत की सूची

तिथि दिनांक तिथि का समय

षटतिला एकादशी(कृ) जनवरी, 2018

12 जनवरी

(शुक्रवार)

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पौशा पुत्रदा एकादशी(शु) जनवरी, 2018

27 जनवरी

(शनिवार)

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विजया एकादशी(कृ) फरवरी, 2018

10 फरवरी

(शनिवार)

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जाया एकादशी(शु) फरवरी, 2018

26 फरवरी

(सोमवार)

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पापमोचनी एकादशी(कृ) मार्च, 2018

12 मार्च

(सोमवार)

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आमलकी एकादशी(शु) मार्च, 2018

27 मार्च

(मंगलवार)

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वरुथिनी एकादशी(कृ) अप्रैल, 2018

11 अप्रैल

(बुधवार)

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कामदा एकादशी(शु) अप्रैल, 2018

25 अप्रैल

(बुधवार)

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अपरा एकादशी(कृ) मई, 2018

11 मई

(शुक्रवार)

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मोहिनी एकादशी(शु) मई, 2018

25 मई

(शुक्रवार)

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अपरा एकादशी(कृ) जून, 2018

09 जून

(शनिवार)

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निर्जला एकादशी(शु) जून, 2018

23 जून

(शनिवार)

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योगिनी एकादशी(कृ) जुलाई, 2018

09 जुलाई

(सोमवार)

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निर्जला एकादशी(शु) जुलाई, 2018

22 जुलाई

(रविवार)

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निर्जला एकादशी(शु) जुलाई, 2018

23 जुलाई

(सोमवार)

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वैष्णव कामिका एकादशी(कृ) अगस्त, 2018

07 अगस्त

(मंगलवार)

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देवशयनी एकादशी(शु) अगस्त, 2018

21 अगस्त

(मंगलवार)

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अजा एकादशी(कृ) सितम्बर, 2018

05 सितम्बर

(बुधवार)

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श्रवण पुत्रदा एकादशी(शु) सितम्बर, 2018

20 सितम्बर

(गुरुवार)

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इंदिरा एकादशी(कृ) अक्तूबर, 2018

05 अक्तूबर

(शुक्रवार)

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परस्व एकादशी(शु) अक्तूबर, 2018

20 अक्तूबर

(शनिवार)

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रमा एकादशी(कृ) नवम्बर, 2018

03 नवम्बर

(शनिवार)

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पापांकुशा एकादशी(शु) नवम्बर, 2018

18 नवम्बर

(रविवार)

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उत्पन्न एकादशी(कृ) दिसम्बर, 2018

02 दिसम्बर

(रविवार)

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देवउत्थाना एकादशी(शु) दिसम्बर, 2018

18 दिसम्बर

(मंगलवार)

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एकादशी का महत्व

हिन्दू पुराणों के अनुसार एकादशी को ‘हरी वसर’ एवं ‘हरी दिन’ भी कहा जाता है। एकादशी वैष्णव एवं गैर-वैष्णव दोनों समुदाय द्वारा मनाया जाता है। एकादशी के महत्व को स्कन्द पुराण एवं पदम् पुराण में भी बताया गया है। जो भक्त व्रत रखते हैं वो इस दिन गेहूं, मसाले एवं सब्जियां नहीं खाते। श्रद्धालू इस व्रत की तैयारी एकादशी से एक दिन पहले दशमी से ही प्रारंभ करते हैं। श्रद्धालू सुबह जल्दी उठकर पवित्र जल से स्नान करते हैं एवं इस दिन बिना नमक का खाना खाते हैं।

एकादशी व्रत के नियम

ताजा फल, सूखे मेवे, सब्जी एवं दूध से बनी मिठाई ही इस दिन खाई जाती है एवं कुछ राज्यों में केवल साबुदाना, मूंगफली एवं आलू का ही भोजन इस दिन किया जाता है। दाल एवं शहद दशमी के दिन भी नहीं खाया जाता। इस दिन कुछ लोग पानी भी नहीं पीते, इसलिए इसे निर्जला एकादशी भी कहा जाता है। इस दिन भगवान विष्णु की पूजा की जाती है। कुछ श्रद्धालू रात में एकादशी व्रत की कथा, कहानी एवं मंत्र पढ़ते हैं।

एकादशी के अगले दिन को द्वादशी कहा जाता है। यह दशमी या अन्य दिनों की तरह दिन आम दिन होता है। सुबह जल्दी नहाकर, दीऐ जलाकर भगवान विष्णु की पूजा की जाती है एवं दशमी के दिन बनाया गया भोजन खाकर व्रत पूर्ण किया जाता है।

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